ऋषभायतन (नसियाँ जी)

rishbhaytan

ऋषभायतन (नसियां जी) का निर्माण, गुना से पुण्योदय तीर्थ-बजरंगढ़ जाते समय गुना से 1 किमी दूर हो रहा है यहाँ से पुण्योदय तीर्थ-बजरंगढ़ की दूरी 6 किमी रह जाती है। यहाँ दो मंजिला जिनालय का निर्माण किया जा रहा है जिसमे प्रथम मंजिल 16 फिट ऊँची एवं दूसरी मंजिल 22 फिट ऊँची रहेगी । इस जिनालय में प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान् की 11 फिट ऊँची पद्मासन प्रतिमाजी विराजमान की जावेगी जो कि दिखने में कोटा में नसियां जी में विराजमान श्री आदिनाथ भगवान् की प्रतिमा जी जैसी दिखती है। 2013 के गुना चातुर्मास के दौरान इस क्षेत्र का निर्माण कार्य मुनिश्री के आशीर्वाद से प्रारंभ हुआ एवं 2013 के गुना वार्षिक रथोत्सव (विमान जी) का कार्यक्रम इसी क्षेत्र पर मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज, छुल्लक श्री गंभीरसागर जी महाराज एवं छुल्लक श्री धैर्यसागर जी महाराज के सानिध्य में संम्पन्न हुआ। वर्ष 2014 में गुना वार्षिक रथोत्सव (विमान जी) के कार्यक्रम में गुनावासियो को मुनिश्री प्रशांत सागर जी महाराज एवं मुनिश्री निर्वेग सागर महाराज जी का सानिध्य मिला । क्षेत्र पर संत निवास के सभी कमरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आगामी योजनाओ में क्षेत्र पर छात्रावास, मेरिज गार्डन आदि योजनाये नया रूप ले रही है । कमेटी का उद्देश्य क्षेत्र के लिए 11 बीघा जमीन एकत्रित करना है । ऋषभायतन (नसियां जी) में जिनालय एवं प्रतिमाजी के निर्माण कार्य कराने का पुण्य अवसर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री नेमीचंद जी जैन (म्याना वाले) एवं उनके पुत्रगण श्री सुरेशचन्द जैन (पूर्व अध्यक्ष जैन समाज, गुना), श्री सतीशचंद जैन, श्री विनोद कुमार जैन, श्री प्रसन्न जैन (मंचू), स्व. श्री ऋषभ कुमार जैन (बबरी), श्री सुनील कुमार जैन (पप्पू) निवासी गुना, परिवार को प्राप्त हुआ है ।